लगातार बारिश से खैरागढ़ में बाढ़
बीते दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से खैरागढ़ में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिसके बाद प्रशासन द्वारा राहत और बचाव दल तैनात कर दिया गया है। बता दें कि आज सुबह पहले आमनेर नदी पर बने प्रधानपाट बैराज का गेट खोलने से आमनेर नदी में बाढ़ आई और पांडादाह में बाढ़ की स्थिति निर्मित हुई। जिसके बाद अब मुस्का और पपरिया नदी में भी बाढ़ आने से खैरागढ़ के रिहााइशी इलाकों में जलभराव शुरू हो गया है।
लगातार बारिश से खैरागढ़ में बाढ़
खैरागढ़ के इतवारी बाजार में राजनांद गांव खैरागढ़ मुख्य मार्ग में आवागमन बंद हो चुका है। जलभराव से इतवारी बाजार की दुकानों में पानी भर गया है। इसके साथ ही तुलकारीपारा और तरापारा के रिहाइशी इलाकों में निचले हिस्से में बसे लोगों के घरों में पानी भरना शुरू हो गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि निचले और नदी के नजदीक के हिस्से में रहने वाले लोग अपने घरों से निकलकर बाहर सुरक्षित स्थान पर आ जाए। खबर लिखे जाने तक आमनेर नदी का जलस्तर कम होने से पांडादाह के बड़े पुल से पानी नीचे उतर चुका है।

जिससे पांडादाह के साथ ही साथ खैरागढ़ वासियों व प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है। बता दें कि आमनेर, मुस्का और पपरिया इन तीनों नदियों के बीच में खैरागढ़ बसा हुआ है। अच्छी बात यह रही कि आमनेर का जलस्तर कम होने के बाद मुस्का और पपरिया नदी में बाढ़ आई है।
जिससे नुकसान कम होगा। इससे पूर्व आज सुबह प्रधानपाठ बैराज का गेट खोलने से पांडादाहा में भयंकर बाढ़ आई थी। जिससे वहां के ग्रामीणों में 2003 की यादें ताजा हो गई थी। जब आमनेर नदी में आई बाढ़ से पांडादाहा में भयंकर तबाही हुई थी।
तब ग्रामीण प्रेमवती निषाद व धनुष सिन्हा ने बताया कि 2003 में भी पांडादाहा में ऐसी ही बाढ़ आई थी जिससे कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे और ग्रामीणों को शासकीय भवनों का आश्रय लेना पड़ा था। बाढ़ एक बार दो बार तीन बार में आ चुके हैं। अभी 2025 में बाढ़ शनिवार के बांध खोलने के कारण समय शाम 5 बजे के आस पास धीरे धीरे पूरे बस्ती मे घुस गए।और आज इस तरह से बाढ़ देखने को मिल रहा है|
